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Showing posts from May, 2024

कर्नल बैंसला साहब का नेतृत्व और सामाजिक बदलाव

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 जागृति - आंदोलन और संघर्ष कर्नल बैंसला साहब का नेतृत्व और सामाजिक बदलाव -डॉ. गोपाल गुर्जर   23 मई 2008 के उस आंदोलन को आज लगभग 17 साल बीत चुके हैं. इस आंदोलन का मई के महीने में घटित होना ही अपने आप में विलक्षण है. जब राजस्थान में तापमान लगभग 50 डिग्री के आसपास होता है. जब सत्ता पर कब्जा किये हुए बैठे लोगों की औलादे AC कमरों में बैठ कर त्राहिमाम कर रही होती है उस स्थिति में एक मार्शल कौम का अपने हक हकुक और अधिकार की लड़ाई के लिए सड़कों और पटरियों पर उतरना अपने आप आश्चर्यजनक है. यह समाज उस माँ का हमेशा ऋणी रहेगा जिसनें कर्नल बैसला जैसे सपूत जनकर समाज को दे दिए. यह आंदोलन वर्षों पुरानी आरक्षण की मांग के साथ-साथ शताब्दियों से खोई हुई पहचान को वापस स्थापित करने आंदोलन था. जिस दौर में स्टेट ने अपनें दमनकारी उपकरणों के माध्यम से जनता द्वारा अपने हक और अधिकार के लिए उठाई जाने वाली मांगों के औचित्य को निरर्थक कर दिया था उस समय में गुर्जर आरक्षण आंदोलन, आंदोलन की सार्थकता को पुन:स्थापित करने का प्रयास था. इस समाज में कर्नल और ब्रिगेडियर बहुत पैदा हुए हैं, लेकिन कर्नल बैसला का पैदा...

गोली या चिट्ठी ही हमें पटरीयों से हटा सकती है. - कर्नल बैंसला

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 20 जून 1789 का दिन था. संवैधानिक आजादी की मांग कर रहे फ्रांसीसी क्रान्तिकारियो को ज़ब स्टेटस जनरल के मीटिंग हॉल मे नही घुसने दिया, तो हॉल के बाहर एक टेनिस कोर्ट मे ही इकट्ठा होकर इन फ्रांसीसी क्रान्तिकारियो ने स्वतंत्रता की शपथ ली. इस घटना को 'टेनिस कोर्ट की शपथ ' के नाम से जाना जाता है. ज़ब फ़्रांस के राजा लूई सोलहवे ने इन क्रान्तिकारियो पर सैनिक कार्यवाही की मंशा जाहिर की, तो क्रान्तिकारियो के नेता मेराबो ने अपनी दृढ इच्छा शक्ति को जाहिर करते हुए कहा, "सिर्फ गोली या चिट्ठी ही हमें यहाँ से हटा सकती है." फ्रांसीसी क्रांति के इतिहास मे मेराबो के शब्द अमर हो गए. 217 साल बाद. मई का महीना था. साल था 2007. गुर्जर आरक्षण आंदोलन चरम पर था. फ्रांसीसी क्रांति के मुरीद कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला तपती गर्मी और झुलसा देने वाली लू के बीच अपने लाखो लोगो के साथ पटरी पर बैठे थे. उन्हें बैठे हुए कोई बीस बाइस दिन गुजर गए थे. दुनिया भर के दबाव और तनाव के बीच ज़ब किसी पत्रकार ने कर्नल बैंसला के मन को टटोलते हुए पूछा, कि कर्नल साहब कब तक आप यहाँ बैठे रहेंगे. शासन ने आप लोगो को यहाँ से हटाने के...