कर्नल बैंसला , सामाजिक उत्थान और परिवर्तन - पोखरमल गुर्जर

- पोखरमल गुर्जर ( सेवानिवृत कार्यालय सहायक , मंत्रालय सेवा . ग्राम हर्ष , तहसील धोद सीकर राजस्थान  )

मान्यवर आज शायद  ही कोई परिवार होगा जो कर्नल साहब द्वारा समाज को दी सौगातों से अनभिज्ञ हो.  और 73 शहीदों का और कर्नल साहब का कृतिज्ञ ना हो.

उनके द्वारा समाज को दिलवाये लाभों से वंचित हो, कोई फ्री स्कूल पढ़ाई, कोई साइकिल, कोई स्कूटी,कोई छात्रवर्ती, कोई प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई, कोई देवनारायण बोर्ड की योजनाओं, कोई कालीबाई भील योजनाओं, छात्रावासो, आवासीय स्कूल्स,कोई देवनारायण योजना में नामी निजी शिक्षण संस्थाओं, बीएड, एमएड, इंजिनीरिंग, एमबीए, एमबीबीएस बिना ट्यूशन फीस, छात्रवर्ती अलग यानी कि फ्री, प्रशासनिक सेवा प्री और फाइनल में.

 आर्थिक सहयोग कर्मचारी से अधिकारी तक जनरल, ओबीसी व एमबीसी वर्ग में 5% आरक्षण के साथ शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश और जनरल व एमबीसी में 5% आरक्षण के साथ नियुक्ति सबसे बड़ा समाज को लाभ तो यह हुआ कि युवाओ को अब यह लगने लगे गया कि यदि मैं भी तैयारी करू तो नॉकरी लग सकता हूं कुछ ही वर्षों में देश की आजादी से लेकर आरक्षण मिलने तक 70 साल तक जितने अधिकारी कर्मचारी नही थे उनसे कई गुने ज्यादा इन वर्षों में ही लग गये.

 आत्मबल बहुत बढ़ा है पहले निराशा रहती थी तैयारी कर भले ही लो नॉकरी लगनी नही है और समाज मे एकता संघर्ष का जज्बा भी पनपा है, देश दुनिया के किसी भी कोने मे रहने वाले गुर्जर समाज को पहचान समाज मे मिली, भाईचारा भी बढ़ा है अपने आराध्यों को साक्षात नही देखा मगर देवतुल्य कर्नल साहब को देखा भी उनका सानिध्य भी मिला है आगे की पीढियां उनको देख नही पाएंगी मगर उनके लिये भी वो समाज के पूजनीय ही रहेंगे वो सामाजिक उत्थान के लिये समाज का अंबेडकर कहे तो भी अतिशयोक्ति नही होगी, समाज मे राजनैतिक अत्ति जागृति भी बहुत आयी मगर अति  होने के कारण कुछ नेगेटिव भी हो जाती है  ।

75 शहीद और कर्नल बैंसला साहब अमर रहे ।


कर्नल बैंसला : महापंचायत की तस्वीर 


 

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